भोपाल, 27 जून।
मध्य प्रदेश में दस्तक देने के बाद बादलों के राजा मानसून की चाल थोड़ी सुस्त पड़ गई है। बीते 24 जून को सूबे के दक्षिण-पूर्वी भाग के 15 जिलों में प्रवेश करने के बाद पिछले तीन दिनों से पानी बरसाने वाले सिस्टम की गति रुकी हुई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर हवाओं का यह रुख दोबारा मजबूत होगा। इस बार बादलों की टोली सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग के आसमान को घेरेगी। इसके विपरीत ग्वालियर-चंबल अंचल के निवासियों को मानसून की एंट्री के लिए सबसे लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
मौसम केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती दौर में आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों को तरबतर करने के बाद बादलों की प्रगति थम गई थी। राहत की बात यह है कि आगामी कुछ दिनों में राज्य के बचे हुए इलाकों में बादलों के आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होने के आसार नजर आ रहे हैं।
शनिवार को सूबे के 43 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आज भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर जिलों में बदरा बरस सकते हैं। दूसरी तरफ ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना है।
इससे पहले शुक्रवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धूल भरी आंधी के साथ तेज बौछारें गिरीं। सिवनी में करीब 2 इंच पानी रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया और नजदीकी ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज हुई। उज्जैन शहर में भी डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। इसके साथ ही दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर समेत अनेक जिलों में अंधड़ और पानी का दौर बना रहा।
इस मानसूनी गतिविधि के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। खरगोन में पारा लुढ़ककर 30 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। खंडवा में 30.1, सागर में 31.1, छिंदवाड़ा में 31.8, बैतूल में 32.7, सिवनी और उमरिया में 33.2, धार में 33.4 तथा नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। राज्य के बड़े नगरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस पारा मापा गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 72 घंटों की झड़ी के कारण कई जिलों में 4 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इस वजह से सूखे के आंकड़ों में कुछ सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक राज्य में औसतन 99 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जिसके मुकाबले वर्तमान तक 58.5 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। 24 जून तक यह घाटा 50 फीसदी पर था, यानी हालिया दौर से आंकड़ों में 9 फीसदी का सुधार हुआ है। क्षेत्रीय तौर पर देखें तो सूबे के पूर्वी हिस्से में अब भी औसत से 68 प्रतिशत कम पानी गिरा है, वहीं पश्चिमी हिस्से में यह कमी केवल 15 प्रतिशत ही बची है।














