बिलासपुर, 27 जून।
छत्तीसगढ़ के राजनेताओं की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सूबे के 15 से भी अधिक पूर्व एवं वर्तमान सांसदों तथा विधायकों के खिलाफ अदालतों में 20 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले पेंडिंग चल रहे हैं। इस बात का खुलासा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा जारी मई 2026 की स्टेटस रिपोर्ट में हुआ है।
न्यायालय की इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे सभी रसूखदार जनप्रतिनिधियों के मुकदमों की फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी निगरानी की जा रही है। हाई कोर्ट ने इस पूरी सूची को 24 जून 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट के संबंधित सेक्शन में सार्वजनिक किया है। दागी नेताओं की इस लिस्ट में पाटन सीट से विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सुकमा विधायक कवासी लखमा, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व सांसद मधुसूदन यादव समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में आईपीसी की धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज है। इस मामले में उनके साथ कैलाश मुरारका और विजय भाटिया भी रायपुर की विशेष अदालत में तफ्तीश का सामना कर रहे हैं। आपराधिक केस संख्या 5465/2018 के अंतर्गत भूपेश बघेल पर आईपीसी की धारा 120बी, 469, 471 और आईटी एक्ट की धारा 67-ए के तहत संगीन आरोप हैं, जिसकी सुनवाई के लिए 19 जून 2026 की तारीख मुकर्रर थी।
इसके साथ ही धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के जाल में फंसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सुकमा विधायक कवासी लखमा और भिलाई नगर से पार्टी विधायक देवेंद्र यादव के मुकदमों पर भी जून महीने में ही अदालत में सुनवाई तय थी। कवासी लखमा के विरुद्ध रायपुर की प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र अदालत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एसीबी का विशेष केस पेंडिंग है।
कांग्रेस के ही कोटा सीट से विधायक अटल श्रीवास्तव पर बिलासपुर की सीजेएम अदालत में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज है। इस मामले में आगामी महीने में कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने हैं।
जांजगीर-चांपा जिले की जैजैपुर सीट से कांग्रेस के विधायक बालेश्वर साहू और उनके जोड़ीदार गौतम राठौर पर 42.78 लाख रुपये की भारी धोखाधड़ी और गबन करने का कानूनी शिकंजा कसा हुआ है। यह पूरा मामला साल 2015 से 2020 के बीच का है, जब बालेश्वर साहू बम्हनीडीह जिला सहकारी बैंक में बतौर मैनेजर तैनात थे और गौतम राठौर वहां सेल्समैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
राजनांदगांव की विशेष अदालत में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और वर्तमान मेयर मधुसूदन यादव के खिलाफ जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण अधिनियम के तहत कुल 6 मामले चल रहे हैं। इस कोर्ट में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और मोहम्मद खालिद के खिलाफ चिटफंड से जुड़े इन 6 मुकदमों में से तीन पर हाई कोर्ट ने मार्च 2021 में अंतरिम रोक लगाकर राहत दी थी। बाकी बचे तीन मामलों में अदालत से कोई रियायत नहीं मिली है और न्यायालय ने अभियुक्तों को स्वयं हाजिर होने का हुक्म दिया है।
गरियाबंद इलाके में भी बीजेपी के दो पूर्व विधायकों के खिलाफ रास्ता रोकने और बलवे का मुकदमा दर्ज है। पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी और गोवर्धन मांझी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 341 और 147 के तहत केस दर्ज है, जिसकी सुनवाई गरियाबंद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही है।
बलौदाबाजार की तीसरी एडीजे कोर्ट में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और किशोर नवरंगे के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 435, 436, 153ए और दंगे से संबंधित केस दर्ज हैं। विधायक देवेंद्र यादव और जिला युवा कांग्रेस नेता किशोर नवरंगे का नाम मुख्य रूप से जून 2024 में भड़की बलौदाबाजार हिंसा से जुड़ा है।
इसके अलावा पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने के मामले में 13 जुलाई 2026 को कोर्ट में सुनवाई होनी है।
कवर्धा विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 72) से पूर्व विधायक रह चुके अशोक कुमार साहू तथा अन्य के खिलाफ दर्ज जालसाजी के केस में 17 जून 2026 को गवाही और साक्ष्य के लिए तारीख तय थी। वे मौजूदा समय में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।













