नई दिल्ली, 27 जून।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह जवानों के बलिदान से जुड़ी खबरों के बाद सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए पुराने बयान को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं। इस पर रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनके वक्तव्य को उसके वास्तविक संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया जा रहा है।
मंत्रालय ने शनिवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय पायलटों के मारे जाने की एक भ्रामक धारणा उस समय तेजी से फैलाई जा रही थी। यह दावा पूरी तरह निराधार था और इसका उद्देश्य गलत सूचना फैलाकर लोगों को गुमराह करना था। रक्षा मंत्री का संसद में दिया गया बयान इसी विशेष दुष्प्रचार का जवाब था।
स्पष्टीकरण में कहा गया कि रक्षा मंत्री की टिप्पणी उस समय प्रसारित हो रहे झूठे प्रचार के संदर्भ में थी। इसलिए उनके पूरे संबोधन को समग्र रूप से समझना आवश्यक है। मंत्रालय के अनुसार, उनका वक्तव्य भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और क्षमता का सम्मान करने के साथ उन लोगों को स्पष्ट संदेश देने के लिए था जो भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहे थे।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार और रक्षा मंत्री भारतीय सशस्त्र बलों के प्रत्येक सदस्य तथा देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति गहरा सम्मान और कृतज्ञता रखते हैं। सरकार ने शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित कराने के साथ उनके परिवारों और आश्रितों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सुविधाओं से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में भाषण का केवल एक हिस्सा दिखाकर यह गलत दावा किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की मृत्यु नहीं होने की बात कही थी। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की पोस्ट भ्रामक हैं और पूरे भाषण के संदर्भ को जानबूझकर नजरअंदाज कर विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।














