जयपुर, 27 जून।
प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े जासूसी और संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार महिला बबीता धाकड़ को सात दिन की एटीएस रिमांड पूरी होने के बाद शनिवार को जयपुर की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान महिला मीडिया से बचने के लिए चेहरा छिपाकर अंदर जाती दिखाई दी।
राजस्थान एटीएस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त सूचना के आधार पर बबीता धाकड़ को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक हैंडलर के संपर्क में थी और कथित तौर पर स्लीपर सेल के रूप में सक्रिय होने की तैयारी कर रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार वह संगठन से जुड़ने के उद्देश्य से देश छोड़ने की योजना बना रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपित सोशल मीडिया के जरिए संगठन के हैंडलर के संपर्क में आई थी। पूछताछ के दौरान अन्य प्रतिबंधित संगठनों से भी उसके संबंधों के संकेत मिले हैं। वह मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की निवासी है और वर्तमान में जयपुर के निकट वाटिका क्षेत्र में अपने सेवानिवृत्त पिता के साथ रह रही थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो चुकी थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने ऑनलाइन कलमा पढ़कर धर्म परिवर्तन किया था और अपना नाम खदीजा रख लिया था। जांच में ऐसे भी संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों से उसे ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इसके अलावा उसने इंटरनेट पर आत्मघाती हमलों से संबंधित विषयों की जानकारी भी खोजी थी।
एटीएस की जांच के दौरान आरोपित के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। मोबाइल में पाकिस्तान के कई नंबरों से संपर्क के प्रमाण भी मिले हैं। सोशल मीडिया गतिविधियों और तकनीकी निगरानी के आधार पर एटीएस पिछले तीन से चार महीनों से उस पर नजर रखे हुए थी। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत से सात दिन की रिमांड पर लिया गया था।
जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपित किन-किन लोगों के संपर्क में थी और इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई हैं।














