काठमांडू, 27 जून।
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पिछले वर्ष 8 और 9 सितंबर को हुई जेन जी घटनाओं से जुड़ी जांच रिपोर्ट और उससे संबंधित सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से औपचारिक अनुरोध किया है। उन्होंने आयोग से जांच प्रतिवेदन, निर्णय और उससे जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।
पार्टी नेता महेश बर्तौला ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने ललितपुर के पुल्चोक स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सचिव मुरारी खरेल से मुलाकात कर ओली की ओर से आवेदन सौंपा। आवेदन में आयोग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट, उसमें किए गए संशोधनों का विवरण, संशोधन के कारणों के साथ-साथ घटना से जुड़े सभी बयान और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
ओली का कहना है कि आयोग की बैठक में लिए गए निर्णय और उसके समर्थन में प्रस्तुत किए गए तथ्य आपस में मेल नहीं खाते। इसी आधार पर उन्होंने सार्वजनिक किए गए निर्णय पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसके तथ्यों पर संदेह जताया है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक ओर आयोग ने यह निष्कर्ष दिया कि उनके द्वारा किया गया कार्य कानून के विरुद्ध नहीं था, वहीं दूसरी ओर ऐसे व्यक्ति के खिलाफ, जिस पर मौजूदा संविधान और कानून के तहत कार्रवाई संभव नहीं है, बाद में कानून बनाकर कार्रवाई की सिफारिश की गई। ओली ने इस स्थिति को अविश्वसनीय बताते हुए पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।














