बैतूल, 27 जून।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुकरु दौरे से पहले शनिवार को बैतूल जिले के भैंसदेही में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विभिन्न स्थानीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने भैंसदेही बस स्टैंड के पास हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम सहित करीब दो दर्जन नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
पुलिस कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी को भैंसदेही से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सांवलमेंढ़ा रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां उन्हें पुलिस निगरानी में रखा गया।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज (रानू) ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए पहले ही प्रशासन से समय मांगा गया था। उनके अनुसार प्रशासन ने उन्हें जनपद पंचायत परिसर पहुंचने के लिए कहा, लेकिन वहां मुलाकात को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद कार्यकर्ता हेलीपैड की ओर ज्ञापन देने के लिए रवाना हुए, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया।
पुलिस की कार्रवाई में रामू टेकाम, पंकज (रानू) ठाकुर, नरेश मोहरे, राहुल छत्रपाल, महेश थोटेकर, पंजाब आहके, मयूर बारस्कर, मंगेश सरयाम, निलेश बर्डे, आरिफ खान, शोएब विधयानी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले ज्ञापन में पूर्णा नदी उद्गम स्थल को पवित्र नगरी घोषित करने, नगर सीमा से शराब दुकानों को 500 मीटर बाहर स्थानांतरित करने तथा वर्ष 2023 में स्वीकृत 95 हितग्राहियों को लंबित आवासीय पट्टे देने की मांग शामिल थी। इसके अलावा किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने, आगजनी से प्रभावित क्षेत्रों के लिए प्रत्येक जनपद में दो-दो फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी गई थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार शाम कुकरु में आयोजित रात्रि चौपाल, ग्रामीण संवाद और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने वाले हैं। वहीं कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष जनता की समस्याएं रखने का अवसर नहीं दिया।














