रोम, 29 जून।
यूरोप के कई देश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इटली और बाल्कन क्षेत्र में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं, अमेरिका के कई हिस्सों में भी अत्यधिक गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। बढ़ते तापमान का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है और कई स्थानों पर जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
इटली में सोमवार को 22 शहरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया। उत्तरी शहर बोलजानो से लेकर सिसिली के पालेर्मो तक तेज गर्मी का प्रभाव देखा गया। राजधानी रोम में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। धार्मिक आयोजनों में शामिल लोगों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
क्रोएशिया में भी राजधानी जाग्रेब सहित कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। एड्रियाटिक सागर के विस द्वीप पर जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों के साथ हवाई संसाधनों की भी मदद ली जा रही है।
सर्बिया में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं अल्बानिया के दक्षिणी हिस्सों में जंगलों और जैतून के बागानों में लगी आग बुझाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
20 जून से शुरू हुई इस हीटवेव ने यूरोप के कई देशों में शुरुआती गर्मियों के तापमान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अत्यधिक गर्मी के चलते बिजली आपूर्ति, परिवहन व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है।
फ्रांस में गर्मी के कारण लगभग एक हजार अतिरिक्त मौतों की जानकारी सामने आई है। वहीं साइप्रस में कार के भीतर दो बच्चों की मौत और पोलैंड में साइकिल प्रतियोगिता के दौरान दो प्रतिभागियों की जान जाने की घटनाओं ने भीषण गर्मी के खतरे को और गंभीर बना दिया है।
उधर, अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा ने देश के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सतर्क रहने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
















