नई दिल्ली, 29 जून।
देश के किसानों तक समय पर, विश्वसनीय और बहुभाषी कृषि सलाह पहुंचाने के उद्देश्य से जुलाई 2021 में शुरू किया गया किसान सारथी आज भारत का सबसे बड़ा एकीकृत डिजिटल कृषि परामर्श मंच बन चुका है। यह मंच किसानों को कृषि विशेषज्ञों से जोड़ने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं, मौसम संबंधी जानकारी और खेती से जुड़े आवश्यक परामर्श एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रहा है। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है, जिसका संचालन भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन कर रहे हैं।
यह मंच आईआईडीएस यानी इंटरैक्टिव इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम के माध्यम से किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच दो-तरफा संवाद स्थापित करता है। इसके जरिए प्रयोगशालाओं में विकसित कृषि ज्ञान और आधुनिक तकनीकों को सीधे खेतों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। देशभर के 730 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्र, 100 से अधिक आईसीएआर संस्थान और 65 से अधिक कृषि विश्वविद्यालय इस नेटवर्क से जुड़े हैं, जिससे किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रमाणिक कृषि सलाह उपलब्ध हो रही है।
पहले किसानों को मौसम, कृषि परामर्श और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए अलग-अलग माध्यमों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन किसान सारथी ने इन सभी सुविधाओं को एक मंच पर समाहित कर प्रक्रिया को सरल बना दिया है। यह किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, भारत मौसम विज्ञान विभाग, माइस्कीम और भाषिणी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ एकीकृत रूप से कार्य करता है।
डिजिटल पहुंच को व्यापक बनाने के लिए यह मंच कई माध्यमों से उपलब्ध है। किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, वेब पोर्टल, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के जरिए किसान आसानी से इस सेवा का लाभ ले सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
किसान सारथी किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे जोड़ते हुए मौसम पूर्वानुमान, मंडी भाव, क्षेत्र विशेष की कृषि सलाह और रीयल-टाइम परामर्श उपलब्ध कराता है। साथ ही पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं की जानकारी और पीएम-किसान जैसी योजनाओं की स्थिति भी उपलब्ध कराई जाती है। 25 जून 2026 तक इस मंच पर 610 सरकारी योजनाएं उपलब्ध थीं, जिनमें 102 केंद्र सरकार की योजनाएं शामिल हैं। अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी, बागान, चारा फसल, पशुपालन, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन से संबंधित परामर्श भी यहां उपलब्ध हैं। किसान स्थानीय भाषा में प्रश्न पूछ सकते हैं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं तथा वीडियो परामर्श की सुविधा भी प्राप्त कर सकते हैं।
यह मंच किसान और खेत की प्रोफाइल के आधार पर व्यक्तिगत कृषि सलाह भी उपलब्ध कराता है। इसमें 13 क्षेत्रीय भाषाओं में विशेषज्ञों से संवाद, कॉल एवं कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, किसान नॉलेज डेटाबेस, लोकेशन आधारित पुश अलर्ट, टोल-फ्री नंबर तथा वेब आधारित सरल पंजीकरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
पूरी व्यवस्था आईआईडीएस तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, टेक्स्ट, इमेज और चैट के जरिए किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित किया जाता है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सेवाओं का चयन कर सकते हैं और व्यक्तिगत परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञ किसानों की पूर्व जानकारी और फसल संबंधी विवरण देखकर अधिक सटीक सलाह देने में सक्षम होते हैं।
आईआईडीएस प्रणाली में किसान की कॉल केंद्रीय सर्वर पर दर्ज होकर संबंधित विशेषज्ञ तक पहुंचती है। सभी प्रश्न भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखे जाते हैं तथा विशेषज्ञों को नॉलेज डेटाबेस की सुविधा उपलब्ध रहती है। यह व्यवस्था ‘नो योर फार्मर’ दृष्टिकोण पर आधारित है, जिससे परामर्श की गुणवत्ता और सटीकता दोनों बेहतर होती हैं।
25 जून 2026 तक किसान सारथी की सेवाएं 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, 768 जिलों तथा 6.63 लाख गांवों तक पहुंच चुकी थीं। इस मंच से 4,767 आईसीएआर वैज्ञानिक और 113 आईसीएआर संस्थान जुड़े हुए हैं। अब तक 2.95 करोड़ किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 56.16 लाख महिला लाभार्थी शामिल हैं। इनमें 2.89 करोड़ किसानों का पंजीकरण कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हुआ, जबकि 5.35 लाख किसान कॉल सेंटर, 21,517 मोबाइल ऐप, 2,416 वेब पोर्टल और 39,193 कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए जुड़े। मंच पर 19.21 लाख से अधिक प्रश्नों का समाधान किया जा चुका है और 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 351 वस्तुओं से संबंधित 21,900 कृषि परामर्श जारी किए गए हैं।
यह मंच केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि अनुसंधान संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है। इससे अनुसंधान कार्यों का बेहतर प्रसार, किसानों तक तेज पहुंच और रीयल-टाइम फील्ड डेटा के आधार पर नीति निर्माण को मजबूती मिल रही है।
डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में किसान सारथी एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। यह किसानों, अनुसंधान संस्थानों, विस्तार एजेंसियों और नीति-निर्माताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कृषि व्यवस्था को अधिक आधुनिक, प्रभावी और तकनीक आधारित बना रहा है। बहुभाषी सेवाओं और डिजिटल परामर्श के माध्यम से यह मंच किसानों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता प्रदान कर रहा है।
















