भोपाल, 29 जून।
भोपाल के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 के चर्चित अंधे कत्ल मामले में अपर सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आदि उर्फ आदित्य साहू, सरफराज और धीरेन्द्र राजपूत पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला 27 जून 2026 को सुनाया गया।
मामले के अनुसार 23 अप्रैल 2023 को कान्हासैया क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। मृतका के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई गंभीर वार के निशान पाए गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए बिलखिरिया थाना पुलिस ने हत्या, पहचान छिपाने और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतका की पहचान टीला जमालपुरा निवासी प्रीति कुशवाहा के रूप में की। मामले की जांच में साइबर सेल की तकनीकी पड़ताल और डिजिटल डेटा विश्लेषण ने अहम भूमिका निभाई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंचने में सफल रही।
जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने एक विधि-विरुद्ध बालक के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश के तहत प्रीति कुशवाहा को कान्हासैया क्षेत्र में बुलाया और धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया गया।
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार, मोबाइल फोन, वारदात के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए। जांच के दौरान एकत्र किए गए भौतिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी माना।
अपर सत्र न्यायालय, भोपाल ने सभी गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आदि उर्फ आदित्य साहू, सरफराज और धीरेन्द्र राजपूत को हत्या के अपराध में दोषसिद्ध ठहराते हुए उम्रकैद और प्रत्येक पर 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में शामिल विधि-विरुद्ध बालक का प्रकरण किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अलग से विचाराधीन है।
















