दोहा, 29 जून।
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के बाद संभावित वार्ता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की पहल पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में बैठक प्रस्तावित है। दूसरी ओर, ईरान ने फिलहाल ऐसी किसी निर्धारित बैठक से इनकार किया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान ने बातचीत का अनुरोध किया है और दोनों पक्षों के बीच अगले दिन दोहा में मुलाकात होगी।
हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें इस सप्ताह दोहा में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता होने की बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई बैठक तय नहीं हुई है, हालांकि मध्यस्थों के जरिए दोनों देशों के बीच संपर्क और संवाद की प्रक्रिया जारी है।
इस बीच अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हालिया तनाव के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से फिलहाल बचने पर सहमति बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोहा में संभावित बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
रिपोर्टों में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि तकनीकी स्तर पर बातचीत जारी रहने तक दोनों पक्ष संयम बरतेंगे और सैन्य गतिविधियों को सीमित रखने का प्रयास करेंगे, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार प्रभावित न हो। साथ ही व्यावसायिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने पर भी सहमति बनने की बात कही गई है।
सूत्रों के अनुसार, हालिया समझ के तहत ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। इसके बदले अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में सीमित राहत देने पर सहमति जताई है।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि स्विट्जरलैंड में हुई पिछली वार्ता के दौरान समुद्री सुरक्षा के बेहतर समन्वय के लिए अमेरिकी सेना और ईरानी सैन्य नेतृत्व के बीच एक हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका है।
जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित वार्ता का मूल एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा था, लेकिन क्षेत्रीय हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव को देखते हुए समुद्री सुरक्षा और तनाव कम करने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है।
फिलहाल व्हाइट हाउस की ओर से ट्रंप के दावे या प्रस्तावित बैठक को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संभावित वार्ता को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।
















