भोपाल, 29 जून।
राजधानी के ऐशबाग स्थित सुदामा नगर में रेलवे से सेवानिवृत्त हेमंत फिलेमोन उर्फ हेमंत बारिक और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी है। अब जांच का केंद्र बाहरी बदमाशों के बजाय दंपती के नजदीकी लोगों पर रखा गया है। संभावित संपत्ति उत्तराधिकारियों, रिश्तेदारों, किरायेदारों और नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों सहित करीब 20 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति दंपती की दिनचर्या, मकान की बनावट और उनकी आर्थिक स्थिति से भली-भांति परिचित था। इसी आधार पर पुलिस अपने जांच दायरे को आगे बढ़ा रही है।
रविवार को लगातार दूसरे दिन घटनास्थल पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने घर से करीब 10 पुराने मोबाइल फोन, निजी रजिस्टर, जरूरी दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए। बरामद मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड, संपर्क विवरण और डिजिटल डाटा की जांच की जा रही है। हालांकि अधिकांश मोबाइल खराब अवस्था में मिले और उनमें सिम कार्ड भी नहीं पाए गए।
तलाशी के दौरान हेमंत फिलेमोन का निजी हिसाब-किताब से संबंधित एक रजिस्टर भी पुलिस के हाथ लगा है। इसमें कई लोगों के साथ हुए रुपये के लेन-देन का विवरण दर्ज मिला है। रकम अधिक नहीं होने के बावजूद पुलिस रजिस्टर में दर्ज प्रत्येक व्यक्ति और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी पुराने आर्थिक विवाद का इस हत्याकांड से संबंध हो सकता है।
इसके साथ ही पुलिस ने दंपती के बैंक खातों का विवरण भी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में दो पेंशन खातों की जानकारी सामने आई है। पहले बेची गई संपत्तियों से प्राप्त राशि का उपयोग कहां किया गया और वर्तमान में खातों में कितनी धनराशि मौजूद है, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद है।
















