नई दिल्ली, 29 जून।
देश के औद्योगिक उत्पादन में इस वर्ष मई के दौरान सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर मई में औद्योगिक उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत रही। इससे पहले अप्रैल में यह वृद्धि 4.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी। साथ ही सरकार ने औद्योगिक उत्पादन की गणना के लिए 2022-23 को नया आधार वर्ष निर्धारित करते हुए संशोधित श्रृंखला लागू की है। नई व्यवस्था में अद्यतन उत्पाद बास्केट को शामिल किया गया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों का व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मई में बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं विनिर्माण, जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि इसी अवधि में खनन और उत्खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.6 प्रतिशत घट गया।
मंत्रालय ने बताया कि नई आईआईपी श्रृंखला में वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए डिफ्लेटर के रूप में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) की जगह आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) को अपनाया गया है। इसी के अनुरूप 2022-23 आधारित पूरी आईआईपी श्रृंखला को संशोधित किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार यह बदलाव वास्तविक औद्योगिक उत्पादन का अधिक सटीक आकलन करने में सहायक होगा, क्योंकि आउटपुट पीपीआई उत्पादकों के स्तर पर कीमतों का अधिक विस्तृत और यथार्थ माप उपलब्ध कराता है। मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन तकनीकी सलाहकार समिति की सिफारिशों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया है। इससे राष्ट्रीय आय के आकलन में पीपीआई आधारित मात्रा अनुमान प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने में भी सुविधा मिलेगी।
















