नई दिल्ली, 29 जून।
रोहिणी जेल से इलाज के लिए जीबी पंत अस्पताल लाए गए एक अंडरट्रायल के फरार होने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे 48 घंटे के भीतर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपित ने अस्पताल पहुंचने की योजना पहले से तैयार कर रखी थी।
पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान पवन भल्ला (26) के रूप में हुई है। वह दिल्ली के बुद्ध विहार का निवासी है और उसके खिलाफ चोरी तथा आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। हाल ही में विजय विहार थाना पुलिस ने उसे प्रतिबंधित बटनदार चाकू के साथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में रोहिणी केंद्रीय जेल भेजा गया था।
पुलिस के अनुसार जेल में रहते हुए आरोपित ने कथित रूप से कम असर वाला जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले उसे डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां से आगे के उपचार के लिए जीबी पंत अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में पुलिस निगरानी के बीच उसका इलाज चल रहा था।
26 जून की शाम करीब 6:30 बजे आरोपित ने बाथरूम जाने की अनुमति मांगी। पुलिसकर्मियों के अनुमति देने पर वह वॉशरूम में गया और वहां के वेंटिलेटर के रास्ते फरार हो गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई और बाद में आईपी एस्टेट थाने में सरकारी हिरासत से फरार होने का मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपित के हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने जीतपुर बेहड़ी क्षेत्र में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि अस्पताल से भागने के बाद वह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन के जरिए ऊना चला गया। वहां उसने एक परिचित के यहां शरण ली और पहचान छिपाकर एक गोदाम में मजदूरी करने लगा। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
















