नई दिल्ली, 29 जून।
सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया है, जिनमें कहा गया था कि देश के पेट्रोल पंपों पर ई-20 पेट्रोल के उपयोग के खिलाफ चेतावनी वाले होर्डिंग लगाए गए हैं। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की तथ्य जांच इकाई ने स्पष्ट किया कि इस तरह के दावों में कोई सच्चाई नहीं है और देश के किसी भी खुदरा पेट्रोल पंप पर ऐसे होर्डिंग नहीं लगाए गए हैं।
तथ्य जांच इकाई के अनुसार तेल विपणन कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुरूप है। इकाई ने बताया कि एथेनॉल और पेट्रोल पूरी तरह एक-दूसरे में घुलनशील होते हैं, इसलिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार ईंधन में किसी प्रकार का पृथक्करण या परत बनने जैसी स्थिति नहीं होती।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आधुनिक वाहनों को इस प्रकार तैयार किया जाता है कि ईंधन टैंक में पानी के प्रवेश की संभावना न्यूनतम रहे। इसके लिए वाहनों में आवश्यक सुरक्षा प्रावधान और तकनीकी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।
पीआईबी की तथ्य जांच इकाई ने कहा कि देश में ई-20 पेट्रोल की शुरुआत के बाद से एथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन खराब होने या वाहनों में व्यापक स्तर पर किसी तकनीकी समस्या की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार ने दोहराया कि देश में लागू एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम निर्धारित ईंधन गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन करता है। साथ ही ईंधन की आपूर्ति से पहले उसका आवश्यक परीक्षण किया जाता है, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
















