सागर, 29 जून।
मध्य प्रदेश में अवैध उर्वरक कारोबार के खिलाफ सागर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खुरई रोड स्थित ग्राम गढ़ौली खुर्द और कुडारी क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान अवैध रूप से भंडारित 500 बोरी खाद जब्त की गई। मामले में कैंट थाना पुलिस ने दो उर्वरक कारोबारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक शिवकांत सिंह राजपूत को सूचना मिली थी कि ग्राम कुडारी के एक मकान में बिना अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में उर्वरक रखा गया है। सूचना के आधार पर विभागीय टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने देखा कि एक ट्रक से उर्वरक की बोरियां उतारकर मकान में रखी जा रही थीं। जांच में कुल 500 बोरी उर्वरक बरामद हुआ, जिसका वजन लगभग 25 हजार किलोग्राम यानी 25 टन बताया गया। इनमें 230 बोरियां ट्रक में और 270 बोरियां मकान के भीतर रखी मिलीं।
मौके पर मौजूद प्रदीप साहू से उर्वरक के भंडारण, परिवहन और खरीदी से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विभाग ने उर्वरक और ट्रक को जब्त कर लिया।
कृषि विभाग की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने मेसर्स मां हरसिद्धि एग्रो ट्रेडर्स के संचालक प्रदीप साहू निवासी सागर और सहदेव फर्टिलाइजर्स, भावनगर (गुजरात) के प्रोपराइटर महेश रामजी भाई चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
विभाग के अनुसार जब्त उर्वरक की अनुमानित कीमत करीब 1.25 लाख रुपये तथा ट्रक की कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। उर्वरक के नमूने गुणवत्ता और वैधता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में कालाबाजारी, बिना लाइसेंस उर्वरक कारोबार और अवैध भंडारण करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
















