अशोकनगर, 30 जून।
अशोकनगर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अलग-अलग मामलों को लेकर पहुंचे आवेदकों के विरोध के कारण काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जमीन संबंधी विवादों और शिकायतों के निराकरण में देरी का आरोप लगाते हुए कई लोगों ने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
सबसे पहले ग्राम रातीखेड़ा निवासी टुंडा अहिरवार ने अपनी जमीन से जुड़े विवाद को लेकर विरोध जताते हुए कथित तौर पर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया। उनका आरोप था कि सीमांकन होने के बावजूद उन्हें जमीन का कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है। मौके पर मौजूद एसडीएम इसरार खान और पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और संभावित हादसा टाल दिया।
इसी दौरान बहादुरपुर निवासी रघुनाथ सिंह दांगी पेट के बल घिसटते हुए जनसुनवाई कक्ष तक पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर कब्जा हो गया है और लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद समाधान नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन से इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग भी की।
वहीं ईसागढ़ निवासी श्यामा पुत्र हल्लू ने सरकारी कुटीर पर कथित कब्जे का आरोप लगाते हुए जनसुनवाई में अपनी शिकायत रखी। उनका कहना था कि कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण भी हाथों में तख्तियां लेकर परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने जमीन विवाद, गलत सीमांकन और अवैध कब्जों के मामलों में कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
















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