जयपुर, 30 जून।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 1 और 2 जुलाई को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जाएगा। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस सम्मेलन की थीम "विकसित भारत 2047 : एआई-सक्षम, डेटा-संचालित और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस" रखी गई है।
दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 भी प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह विभिन्न श्रेणियों में 17 उत्कृष्ट पहलों को सम्मानित करेंगे। इनमें 10 स्वर्ण, 6 रजत और एक जूरी पुरस्कार शामिल हैं। यह सम्मान केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों तथा शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को दिए जाएंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, उद्योग और शिक्षाविदों को एक साझा मंच पर लाकर नागरिक-केंद्रित, सुरक्षित और प्रभावी डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान छह पूर्ण सत्र और छह ब्रेकआउट सत्र आयोजित होंगे, जिनमें 60 से अधिक विशेषज्ञ अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।
पूर्ण सत्रों में एआई आधारित शासन, वॉइस-फर्स्ट डिजिटल सेवाएं, डीप टेक और क्वांटम तकनीक, स्मार्ट पुलिसिंग, नागरिक-केंद्रित शासन तथा स्कूली शिक्षा में डिजिटल तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा होगी। वहीं ब्रेकआउट सत्रों में शहरी परिवर्तन, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, डेटा आधारित स्थानीय शासन, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार विजेता मॉडल तथा युवाओं की भागीदारी से जुड़े विषय शामिल रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान 40 से अधिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों, अनुसंधान संस्थानों तथा विभिन्न संगठनों की डिजिटल नवाचार संबंधी पहलें प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही 'वॉल ऑफ फेम' के माध्यम से पूर्व सम्मेलनों और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।
इस सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों, 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। समापन अवसर पर जयपुर घोषणा-पत्र 2026 जारी किया जाएगा, जिसमें डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य की दिशा और रणनीति प्रस्तुत की जाएगी।















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