काराकास, 30 जून।
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा के पांच दिन बाद तक भी स्थितियां गंभीर बनी हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1,719 तक पहुंच चुकी है। राहत कार्यों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
करीब 5,034 लोग इस त्रासदी में घायल हुए हैं। बचाव दल युद्धस्तर पर मलबे में दबे लोगों को खोजने में जुटे हैं, लेकिन लगातार आते आफ्टरशॉक और ढही हुई इमारतें काम में बाधा डाल रही हैं।
बताया गया है कि बुधवार की शाम 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। इनके प्रभाव पड़ोसी मुल्क कोलंबिया तक देखे गए और इसे सदी का सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने आशंका जताई है कि मृतकों का आंकड़ा 10,000 के पार जा सकता है। करीब 22,619 लोग बुरी तरह प्रभावित हैं और सैकड़ों इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।
बुधवार के बाद से अब तक 609 आफ्टरशॉक आ चुके हैं। राहत के लिए अब अंतरराष्ट्रीय सहायता दल भी वहां पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान ला गुएरा, राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों में हुआ है।
इजराइल की राहत टीम भी वहां पहुंच रही है। प्रशासन ने नुकसान के आकलन के लिए 'ट्रैफिक लाइट' सिस्टम का सहारा लिया है, जिससे इमारतों की सुरक्षा का पता लगाया जा रहा है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए नए घर बनाने का भरोसा दिलाया है। बचाव के दौरान मलबे से एक नवजात और एक महिला को जीवित निकालकर उम्मीदें जगाई गई हैं।
नासा के शोधकर्ताओं और सैटेलाइट डेटा के अनुसार, इस आपदा में करीब 58,870 इमारतें या तो क्षतिग्रस्त हुई हैं या पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।



















