तेहरान, 01 जुलाई।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि अमेरिका और ईरान ने लेबनान में डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल के लिए अपने विशेष दूतों की नियुक्ति कर दी है। इस इकाई का मुख्य कार्य दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार की गलतफहमी को दूर करना और सैन्य टकराव को टालकर युद्धविराम का पालन सुनिश्चित करना है।
यह कदम स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में हुई वार्ता के बाद उठाया गया है। घालीबाफ के अनुसार, ओमान के साथ मिलकर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासनिक मामलों पर भी सहमति बना ली है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका के साथ आगे की बातचीत एमओयू की पांच प्रमुख शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर करेगी, जिनमें लेबनान में संघर्ष विराम और ईरानी तेल निर्यात की सुरक्षा शामिल है।
ईरानी संसद अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनकी शक्ति का केंद्र है और इस पर ईरान अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने इस जलमार्ग का सैन्यीकरण नहीं किया है।
घालीबाफ ने कहा कि एमओयू के तहत समुद्री शुल्कों में मिली 60 दिनों की अस्थायी छूट एक सीमित राहत है। ईरान अपने क्षेत्रीय जल क्षेत्र की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है और वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपने अधिकारों को बनाए रखेगा।

















