भोपाल, 30 जून।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल स्थित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 'लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' पुस्तक का विमोचन किया। मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित यह शोध संकलन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर केंद्रित है।
अकादमी द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और कार्य किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की सतत धारा का स्वाभाविक विस्तार है। पुस्तक में उन्हें ऐसी भारतीय नारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने संत, विदुषी, योद्धा और कुशल शासिका के रूप में समाज को नई दिशा दी।
इस शोध संकलन में कुल 19 अध्याय शामिल हैं। इनमें नारी स्वाभिमान, समाजोत्थान, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण, राष्ट्रीय एकता, पंचपरिवर्तन, जीवन प्रबंधन, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की चुनौतियों और उनके समाधान से जुड़े शोधपत्रों का संकलन किया गया है। इसके साथ ही न्यायप्रियता, प्रशासनिक दक्षता, भारतीय हस्तशिल्प के उत्थान, महिलाओं के अधिकार तथा भारतीय ज्ञान परंपरा में अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का भी शोधपरक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का मूल्य 160 रुपये निर्धारित किया गया है। विमोचन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक चंद्रचारु त्रिपाठी तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
















.jpg)