नई दिल्ली, 02 जुलाई।
देशभर में सड़क एम्बुलेंस की सुरक्षा और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (एआईएस-125) में संशोधन का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत नवजात एम्बुलेंस और एक साथ कई मरीजों को ले जाने के लिए मल्टी-स्ट्रेचर एम्बुलेंस को मानकों में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2016 में एआईएस-125 (भाग-1) अधिसूचित किया गया था, जिसमें एम्बुलेंस के निर्माण और संचालन से जुड़े मानक निर्धारित किए गए थे। इसके बाद एआईएस-125 (भाग-2) में अलग-अलग श्रेणी की एम्बुलेंस के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की सूची तय की गई थी। अब इन दोनों मानकों में संशोधन कर सुरक्षा और कार्यक्षमता को और मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
मसौदे में नवजात शिशुओं को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा वाले अस्पतालों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए नवजात एम्बुलेंस तथा एक साथ कई स्ट्रेचर ले जाने में सक्षम मल्टी-स्ट्रेचर एम्बुलेंस को शामिल किया गया है। इसके अलावा क्लास बी, सी और डी श्रेणी की सभी एम्बुलेंस में बचाव उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने का प्रस्ताव है, ताकि सड़क दुर्घटना के दौरान पीड़ितों को बाहर निकालने और आवश्यकता पड़ने पर राहत कार्य में मदद मिल सके।
ई-एम्बुलेंस के लिए भी अलग प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। चिकित्सा उपकरणों के संचालन के लिए इनमें अलग बिजली स्रोत उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी, जिससे हरित परिवहन को बढ़ावा देने के साथ मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों।
मंत्रालय ने बताया कि इस संबंध में जीएसआर 382(ई) दिनांक 14 मई 2026 के तहत मसौदा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसे सार्वजनिक सुझाव और टिप्पणियों के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। अंतिम अधिसूचना में तय तिथि से संशोधित प्रावधान प्रभावी होंगे।


















