सतना, 02 जुलाई।
सतना के लिए स्वीकृत 20 इलेक्ट्रिक बसों को कथित रूप से इंदौर और भोपाल भेजे जाने के आरोपों को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे जिले के साथ अन्याय बताते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने गुरुवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और बसों को वापस सतना भेजने की मांग की।
कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने आरोप लगाया कि जिले के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में लगातार भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी, एयरोड्रम, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर जैसी योजनाओं में भी सतना की अनदेखी हुई है। उनका कहना था कि जब जिले के लिए सुविधाएं स्वीकृत होती हैं तो उन्हें दूसरे शहरों की ओर क्यों भेज दिया जाता है। उन्होंने इस मामले में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि सतना के हिस्से की 20 इलेक्ट्रिक बसों की वर्तमान स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि किन नियमों और किस प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत इन बसों को अन्य शहरों में भेजा गया।
पार्टी ने यह भी मांग की है कि यदि बसों का स्थानांतरण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो उन्हें तत्काल सतना वापस भेजा जाए।


















