भोपाल, 02 जुलाई।
राजधानी भोपाल में जिलाबदर आरोपी से जुड़े मामले में कथित लापरवाही पाए जाने पर पुलिस आयुक्त ने संबंधित थाना प्रभारी और एक हवलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। कार्रवाई के तहत टीआई के.जी. शुक्ला पर 50 हजार रुपये और हवलदार रामभरत सुमन पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी के.जी. शुक्ला पर जिलाबदर आरोपी यासीन मलिक के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं करने और उसे कथित संरक्षण देने के आरोप लगाए गए थे। यह भी आरोप था कि आरोपी की गतिविधियों की जानकारी देने पहुंचे एक युवक की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।
मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आने के बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया। इसके बाद थाना स्तर पर कार्रवाई तेज करते हुए जिलाबदर आदेश के उल्लंघन के आरोप में यासीन मलिक को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
सूत्रों के अनुसार यासीन मलिक पर जिलाबदर अवधि के दौरान मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप भी हैं। इन मामलों की पुलिस जांच जारी है।
पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जिलाबदर, निगरानीशुदा और आदतन अपराधियों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय कार्रवाई को पुलिस महकमे में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

















