काठमांडू, 09 जुलाई।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में सीमा विवाद को लेकर विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभी विपक्षी सांसद अपनी सीटों पर खड़े हो गए और प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के बयान का विरोध किया।
स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल ने सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए विपक्ष से केवल एक प्रतिनिधि को बोलने का आग्रह किया। विपक्ष ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि पीएम को खुद संसद में आकर इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
हंगामे के बीच आज की संसदीय कार्यसूची काफी व्यस्त रही। कानून मंत्री सोविता गौतम ने प्रधानमंत्री की ओर से महान्यायाधिवक्ता और भ्रष्टाचार निवारण आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन में पेश की।
इसके अतिरिक्त सदन में 'राष्ट्रीय सेवा दल विधेयक' को प्रस्तुत करने की अनुमति के लिए प्रस्ताव रखा गया। साथ ही 'नेपाल विशेष सेवा अधिनियम' की पूर्व व्यवस्था को बहाल करने के लिए विधेयक पर चर्चा का प्रस्ताव भी पेश किया गया।
विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने अपने विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में मंत्री ने सदन के पटल पर जरूरी दस्तावेज रखे।














