काठमांडू, 09 जुलाई।
नेपाल के पूर्व राजनयिकों ने 14वें दलाई लामा के जन्मदिन कार्यक्रम को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। चीन में नेपाल के पूर्व राजदूतों ने इस आयोजन में विदेशी मिशनों की भागीदारी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
पूर्व राजदूतों का कहना है कि नेपाल को 'एक चीन नीति' का पूरी निष्ठा से पालन करना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा है कि क्या देश की विदेश नीति में कोई बड़ा बदलाव आया है, जो ऐसी गतिविधियों को इजाजत दी जा रही है।
इस संयुक्त वक्तव्य में राजेश्वर आचार्य, महेश मास्के और लीलामणि पौडेल समेत सात पूर्व राजदूत शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें नेपाल के भू-राजनीतिक संतुलन को बिगाड़ सकती हैं।
नेपाल ने हमेशा यह प्रतिबद्धता जताई है कि उसकी धरती का इस्तेमाल किसी भी मित्र देश के खिलाफ नहीं होगा। पूर्व राजनयिकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
पूर्व राजदूतों ने सरकार से अपील की है कि वे पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में पूर्ण संवेदनशीलता बरतें। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।















