जयपुर, 11 जुलाई।
राजस्थान में मानसून की सक्रियता में फिलहाल विराम लग गया है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों से अब बादल छंटने लगे हैं, जिससे बारिश का जोर काफी कम हो गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के उत्तर-पूर्वी जिलों, विशेषकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चूरू में 25.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सबसे अधिक है। पिलानी में 10.1 और सीकर में 4 मिलीमीटर बारिश हुई। प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम लगभग शुष्क बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 जुलाई के बाद मानसून के एक बार फिर जोर पकड़ने के संकेत हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में फिर तेजी आ सकती है।
बारिश का क्रम धीमा पड़ते ही पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर फिर से बढ़ने लगा है। श्रीगंगानगर में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। जैसलमेर और फलोदी में 39.8 और बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। चूरू में भी तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को उमस और तपिश का सामना करना पड़ रहा है।
आगामी 16 जुलाई तक मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। साथ ही सिरोही, उदयपुर, झालावाड़ और बारां जिलों में भी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। खेती-किसानी पर भी बारिश के इस उतार-चढ़ाव का असर साफ देखा जा रहा है।









