चंडीगढ़, 11 जुलाई।
पंजाब में मतदाता सूची को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान अब निर्णायक दौर में है। राज्य में 25 जून से शुरू हुए इस महाअभियान के महज 16 दिनों के भीतर एक करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण कर लिया गया है। अब तक राज्य के 99.34 प्रतिशत घरों तक ये प्रपत्र सफलतापूर्वक पहुंचाए जा चुके हैं, जो चुनाव प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने इस उपलब्धि के लिए बी.एल.ओ. और निर्वाचन अधिकारियों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के 24,453 मतदान केंद्रों पर काम पूरी तत्परता से चल रहा है। इस प्रक्रिया को और गति देने के लिए आज और कल, यानी 11 व 12 जुलाई को पंजाब के सभी मतदान केंद्रों पर दो दिवसीय विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का समय प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक निर्धारित है।
शिविरों का मुख्य उद्देश्य बचे हुए गणना प्रपत्रों को मौके पर ही भरना, उनका संग्रहण करना और तत्काल डिजिटलीकरण करना है। साथ ही, मतदाता सूची में मौजूद किसी भी विसंगति को सुधारने और नागरिकों को अपने विवरणों के सत्यापन व अद्यतन में मदद की जाएगी। इस दौरान करीब 2.14 करोड़ से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन की योजना के अनुसार, 24 जुलाई तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके पश्चात 3 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जिस पर दावे एवं आपत्तियां 2 सितंबर तक स्वीकार की जाएंगी। इन आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर तक पूरा होने के बाद,1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। चुनाव अधिकारी ने सभी पात्र नागरिकों से आह्वान किया कि वे शिविरों में पहुंचकर अपने विवरण जरूर जांच लें।









