शिमला, 11 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के पर्वतीय और मध्यवर्ती जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। भारी वर्षा के कारण पूरे प्रदेश में 200 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क कट गया है।
किन्नौर के सांगला में जमीन धंसने के बाद वहां बना वैली ब्रिज पूरी तरह ढह गया है, जिससे आवाजाही बंद हो गई है। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। वहीं, राजधानी शिमला में भी कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
कसुम्पटी के राजहाना में पहाड़ी से मलबा गिरने से दो वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा संजौली के बोथवेल में तड़के भूस्खलन होने से तीन से चार रिहायशी मकान खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोगों ने निजी निर्माण कार्य को ढलान कमजोर होने का कारण बताया है।
रामपुर उपमंडल में गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से कई पंचायतों का संपर्क टूट गया है, जिसे ग्रामीण खुद ही बहाल करने में जुटे हैं। कुल्लू में पार्वती-2 पावर स्टेशन के बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की चेतावनी दी गई है, जिससे नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका के चलते लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।










