रायगढ़, 11 जुलाई।
कला की नगरी रायगढ़ में एक बार फिर संस्कृति का महाकुंभ सजने वाला है। संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए मधुगुंजन संगीत समिति छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से कथक कार्यशाला का आयोजन करने जा रही है।
यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 19 जुलाई तक आयोजित होगा। इसमें श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय की विशेष सहभागिता रहेगी। प्रशिक्षण सत्र रायगढ़ स्टेडियम स्थित मल्टीपर्पज हॉल में शाम 5 से 9 बजे तक चलेगा।
कार्यशाला में मुख्य गुरु के रूप में अगरतला (त्रिपुरा) के डॉ. सम्राट चौधरी उपस्थित रहेंगे। उनके साथ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना चित्रांशी पाणिकर और रायगढ़ घराने की युवा कलाकार ज्योति श्री वैष्णव अपना प्रदर्शन कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगी।
समिति के अनुसार, अब तक जूनियर और सीनियर वर्ग के 75 से अधिक विद्यार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है। आयोजक मंडल में शरद वैष्णव, रोशनी वैष्णव और अजीत स्वाइन सहित कला जगत के कई दिग्गज शामिल हैं।
इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को कथक की बारीकियों से रूबरू कराना है। गुरुओं के सानिध्य में रायगढ़ और राज्य भर के कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतरीन अवसर प्राप्त होगा।










