तमलुक, 11 जुलाई।
रिश्तों को कलंकित करने वाले एक दरिंदे पिता को पॉक्सो अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मेदिनीपुर जिले के तमलुक स्थित विशेष अदालत ने अपनी ही दो नाबालिग बेटियों के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के जुर्म में दोषी को सश्रम उम्रकैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने राज्य सरकार को दोनों पीड़िताओं के लिए पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का भी आदेश दिया है, ताकि उनके भविष्य को सहारा मिल सके।
घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित बच्चियों की मां की मानसिक स्थिति ठीक न होने का फायदा उठाते हुए पिता अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। खौफजदा नाबालिगों ने लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन अंततः छोटी बेटी ने हिम्मत जुटाकर अपने एक रिश्तेदार को पूरी आपबीती सुनाई। वर्ष 2022 में कोलाघाट थाने में दर्ज कराई गई इस शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। स्थानीय लोगों के अनुसार, उस व्यक्ति का पिछला रिकॉर्ड भी दागदार रहा है, जिसके चलते पहले भी उसे क्षेत्र से भागना पड़ा था।
अदालत में लगभग चार वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान मामले ने कई गंभीर मोड़ लिए। अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों के साक्ष्यों और ठोस वैज्ञानिक प्रमाणों के जरिए आरोपी के अपराध को साबित किया। सरकारी वकील ने इस कुकृत्य को समाज के लिए शर्मनाक करार दिया। तमलुक पॉक्सो अदालत की न्यायाधीश सुस्मिता मुखोपाध्याय ने आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुनाकर न्याय की मिसाल पेश की है।
इस पूरे कानूनी सफर में जांच अधिकारी की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया है। पुलिस ने न केवल पुख्ता सबूत जुटाए, बल्कि समय पर गवाहों को अदालत में पेश कर विचार प्रक्रिया को तेज गति प्रदान की। सजा सुनाए जाने के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि पिता के इस जघन्य कृत्य ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया था, जिस पर अब कानून का हंटर चला है।










