भुवनेश्वर, 11 जुलाई।
खोर्धा जिले के नाचुनी थाने में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) का घूस लेते हुए वीडियो वायरल होने और विजिलेंस की दबिश के बाद हड़कंप मच गया है। आरोपी एएसआई अक्षय कुमार सेठी ने भूमि विवाद मामले को रफा-दफा करने के एवज में शिकायतकर्ता से ₹5,000 की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस की टीम ने जैसे ही उसे रंगे हाथों दबोचने के लिए जाल बिछाया, तो एएसआई ने टीम को देखते ही रिश्वत की रकम लेकर अपनी मोटरसाइकिल से रफूचक्कर हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 5 जुलाई 2026 को हुई, जब नाचुनी थाने में जमीन विवाद के दो अलग-अलग मामले दर्ज हुए थे। इन मामलों की तफ्तीश का जिम्मा एएसआई सेठी को सौंपा गया था। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता होने के बावजूद एएसआई ने थाना स्तर पर मामले को निपटाने के नाम पर प्रत्येक पक्ष से ₹5,000 की मांग की। अपनी मजबूरी और काम के सिलसिले में बाहर जाने की जल्दबाजी के कारण शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना ओडिशा विजिलेंस को दी।
योजनाबद्ध तरीके से विजिलेंस ने एएसआई को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय स्थान पर जैसे ही एएसआई ने रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, उसे विजिलेंस की टीम के आने की भनक लग गई। घबराया हुआ एएसआई अंधेरे का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग निकला। इस दौरान उसके पास मौजूद घूस के पैसे भी उसी के पास थे।
घटना के बाद विजिलेंस विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी एएसआई के विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया है। इस मामले में भुवनेश्वर विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल, विजिलेंस टीम फरार एएसआई की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है और मामले की सघन जांच जारी है।








