गुवाहाटी, 11 जुलाई।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने तिवा समुदाय के पारंपरिक वानचुवा उत्सव की राज्यवासियों को बधाई दी है। उन्होंने इस पर्व को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्योहार केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृषि जीवन, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम है। उन्होंने तिवा समाज की अनूठी परंपराओं की सराहना की।
उन्होंने विशेष रूप से 'पिठागुड़ी खोंदा' परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि यह पर्व समुदाय की सामूहिक सहभागिता और आध्यात्मिक आस्था को प्रदर्शित करता है। यह तिवा समाज की एक विशिष्ट पहचान है।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय एवं स्वदेशी समुदायों की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है।
इस दिशा में 'स्वदेशी एवं जनजातीय आस्था एवं संस्कृति विभाग' निरंतर कार्य कर रहा है। सरकार का प्रयास है कि असम की गौरवशाली विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहे।










