भुवनेश्वर, 11 जुलाई।
नर्सिंग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बालेश्वर जिले में बीएससी नर्सिंग की परीक्षाओं में हो रही भारी देरी को लेकर ओडिशा नर्सेस एंड मिडवाइव्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल (ओएनएमआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। काउंसिल ने जिले के 16 नर्सिंग कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस थमाते हुए दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संस्थानों को बताना होगा कि निर्धारित समय पर सेमेस्टर परीक्षाएं क्यों आयोजित नहीं की गईं और इस विलंब के पीछे क्या ठोस कारण हैं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो इन कॉलेजों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
यह प्रशासनिक कदम उन छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उठाया गया है, जो फकीर मोहन विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर के बाहर धरना देकर अपनी नाराजगी जताई थी। छात्रों का दुखद अनुभव यह है कि उन्होंने चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में छह साल पहले दाखिला लिया था, मगर अभी तक सातवें और आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं।
छात्रों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि पढ़ाई की यह लंबी अवधि उनके करियर के लिए घातक साबित हो रही है। इस देरी के चलते उनकी उच्च शिक्षा, आधिकारिक पंजीकरण प्रक्रिया और नौकरी के सुनहरे अवसर पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता देख अभिभावक भी चिंतित हैं।
मामले की गंभीरता को समझते हुए छात्रों के एक दल ने बालेश्वर आए उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज से भेंट की है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए तुरंत हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। छात्रों की मुख्य मांग है कि लंबित परीक्षाएं अविलंब आयोजित की जाएं ताकि उनके शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।









