हवाना, 11 जुलाई।
लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा एक बार फिर गहरे ऊर्जा संकट की चपेट में है। पांच दिनों के भीतर दूसरी बार पूरा देश बिजली गुल होने की समस्या से जूझ रहा है। शुक्रवार शाम राष्ट्रीय ग्रिड के अचानक ठप हो जाने से पूरे द्वीप में अंधेरा छा गया।
सरकारी बिजली कंपनी यूनियन इलेक्ट्रिका ने सोशल मीडिया पर इस पूर्ण ब्लैकआउट की पुष्टि की है। हालांकि, इस बार बिजली आपूर्ति ठप होने के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। सोमवार को भी देशव्यापी कटौती हुई थी, जिसे बुधवार तक बहाल कर दिया गया था।
देश का अधिकांश बिजली ढांचा दशकों पुराना है, जिसके रखरखाव और ईंधन की भारी किल्लत है। विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी से यह संकट और अधिक गंभीर हो गया है। क्यूबा को विदेशी तेल की आपूर्ति में आ रही बाधाएं बिजली संयंत्रों को चलाने में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
अमेरिकी प्रतिबंधों और ईंधन आपूर्ति पर कड़े नियंत्रण के कारण क्यूबा का संकट गहराता जा रहा है। क्यूबा अपनी कुल ज़रूरत का केवल 40 प्रतिशत ही घरेलू तेल पैदा करता है और बाकी के लिए आयात पर निर्भर है। अमेरिका द्वारा अन्य देशों को क्यूबा के साथ व्यापार करने पर दी गई चेतावनी के बाद फ्यूल सप्लाई लगभग बंद हो गई है।










