चंडीगढ़, 22 जुलाई।
चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स 2026 बैठक के दौरान आयुष मंत्रालय ने विशेष आयुष ज़ोन स्थापित कर विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य प्रणाली से परिचित कराया। इस ज़ोन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने आहार, योग, वेलनेस, हर्बल विरासत, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े विभिन्न आयामों का अनुभव किया। इस पहल के जरिए भारत ने पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की।
आयुष आहार अनुभाग में प्रतिनिधियों को बताया गया कि संतुलित भोजन स्वास्थ्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है। यहां रागी के बिस्कुट, आंवला मुरब्बा और त्रिफला जैम जैसे उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आयोजकों का कहना है कि त्रिफला को जैम के रूप में तैयार कर इसे अधिक स्वादिष्ट और व्यापक उपयोग के लिए प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
विदेशी मेहमानों को गुलकंद, घृतकुमारी (एलोवेरा) का हलवा और यूनानी पद्धति से जुड़े उत्पादों की भी जानकारी दी गई। सम्मेलन के दौरान सिद्धा प्रणाली का नया उत्पाद हैबिक्स टी भी लॉन्च किया गया, जिसे हैबिक्स के फूलों से तैयार किया गया है। वहीं मिलेट्स से बने बिस्कुट भी विदेशी प्रतिनिधियों को आकर्षित कर रहे हैं।
आयुष ज़ोन में स्वास्थ्य एवं वेलनेस परामर्श, प्रकृति परीक्षण और भारतीय औषधीय पौधों की जानकारी भी दी जा रही है। तुलसी, अजवायन और शतावरी जैसे औषधीय पौधों के उपयोग से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। इसके अलावा आयुष ग्रिड डिजिटल के माध्यम से आयुष सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रदर्शित किया गया।











