अशोकनगर, 22 जुलाई।
मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने अशोकनगर जिले में अनुसूचित जाति और गरीब वर्ग की जमीनों पर कथित अवैध कब्जों तथा प्रशासनिक लापरवाही के मामलों की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को अशोकनगर प्रवास के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. जाटव ने कहा कि आयोग को जिले में भूमि विवादों और शिकायतों की लगातार जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पात्र हितग्राहियों को पट्टे की भूमि का कब्जा नहीं मिल पाया है, जबकि कुछ स्थानों पर जमीनों के हस्तांतरण में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन सभी मामलों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बायपास क्षेत्र से जुड़े भूमि विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को आवंटित भूमि के कथित अवैध लेनदेन की शिकायतें भी आयोग के संज्ञान में आई हैं। डॉ. जाटव ने कहा कि जांच में यदि किसी व्यक्ति, अधिकारी या जनप्रतिनिधि की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि अनुसूचित जाति, गरीब और वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा और पात्र लोगों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. जाटव ने बताया कि आयोग में पदभार संभालने के समय बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित थे। इन मामलों के निराकरण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न मामलों में कई कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, अपर कलेक्टरों, तहसीलदारों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को समन जारी कर जवाब मांगा गया है।
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि अनुसूचित जाति और अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े शोषण तथा अधिकारों के हनन के मामलों की जानकारी आयोग तक पहुंचाई जाए, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।










