गाजियाबाद, 22 जुलाई।
नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बुधवार को देहरादून में छापेमारी कर नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में कई नामी दवा कंपनियों के नाम और ब्रांड का दुरुपयोग कर नकली दवाइयां तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड परवाल क्षेत्र स्थित फैक्ट्री पर कार्रवाई की। जांच के दौरान पता चला कि यहां सिप्ला, ल्यूपिन, डॉ. रेड्डीज, एल्डर, माइक्रो, मैनकाइंड, इंटास, एबॉट, सन फार्मा, एरिस्टो, मैक्लियोड्स और जाइडस जैसी दवा कंपनियों के नाम पर कथित रूप से नकली दवाओं का निर्माण किया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, दवाओं की पैकेजिंग भी इस तरह की जा रही थी कि आम उपभोक्ता और दवा विक्रेता उन्हें असली उत्पाद समझकर आसानी से खरीद सकते थे।
छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां, पैकिंग सामग्री, लेबल, रैपर और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। सभी सामग्री को कब्जे में लेकर नमूने परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं।
एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।










