ग्वालियर, 22 जुलाई।
ग्वालियर जिले की महत्वाकांक्षी वेस्टर्न बाइपास परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस बाइपास का लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बुधवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए स्थापित प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया और परीक्षण व्यवस्था की जानकारी ली।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन पुलों, रेलवे ओवरब्रिज और वन क्षेत्र में बनाए जा रहे वन्यजीव पारगमन (एनिमल पासेज) का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण में मिट्टी और विभिन्न परतों के उचित कम्पेक्शन तथा आरसीसी कार्यों में वैज्ञानिक तरीके से क्योरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परियोजना की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा।
करीब 28.80 किलोमीटर लंबे इस वेस्टर्न बाइपास में 7 छोटे पुल, 2 इंटरचेंज, 1 फ्लाईओवर, 6 अंडरपास, 2 ओवरपास, रेलवे लाइन पर 2 पुल और 13 वन्यजीव अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है।
परियोजना पूरी होने के बाद ग्वालियर को रिंग रोड जैसी महत्वपूर्ण यातायात सुविधा मिलेगी। साथ ही आगरा से शिवपुरी की ओर आने-जाने वाले वाहनों को तेज और सुगम संपर्क मार्ग मिलेगा। इससे शहर में यातायात का दबाव कम होने के साथ साडा क्षेत्र के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।










