ग्वालियर, 22 जुलाई।
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर दस्तक अभियान के तहत बुधवार को सरकारी अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि कुछ केंद्रों पर निर्धारित मीनू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं दिए जाने की अनियमितताएं भी सामने आईं। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों और स्व-सहायता समूहों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी उपासना राय और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सगर ने संयुक्त रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वार्ड-55 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र अवाड़पुरा क्रमांक-3 में निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता और भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। साथ ही बच्चों की उपस्थिति भी कम पाई गई। इस मामले में संबंधित स्व-सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का सात-सात दिन का मानदेय काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसी तरह वार्ड-65 के वीरपुर आंगनबाड़ी केंद्र में भी भोजन वितरण में अनियमितता मिलने पर संबंधित समूह के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को चेतावनी जारी की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर, यूपीएचसी गुड़ा-गुड़ी का नाका और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक अवाड़पुरा का भी निरीक्षण किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर में आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा और एक मल्टी टास्क वर्कर अनुपस्थित मिले। वहीं संजीवनी क्लीनिक अवाड़पुरा में चिकित्सा अधिकारी, एएनएम और डाटा एंट्री ऑपरेटर भी गैरहाजिर पाए गए।
जिला प्रशासन ने अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।










