भुवनेश्वर, 22 जुलाई।
ओडिशा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने बीजू जनता दल (बीजेडी) अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए उसे तथ्यहीन, निराधार और निंदनीय बताया। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में वरिष्ठ भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा कि पार्टी नवीन पटनायक की टिप्पणियों की सामूहिक रूप से निंदा करती है।
भर्तृहरि महताब ने कहा कि ओडिशा की जनता पिछले वर्षों की घटनाओं को नहीं भूली है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से 2023 के बीच बीजेडी सरकार के कार्यकाल में पुलिस कांस्टेबल, ओपीएससी, ओजेएसई और मैट्रिक सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। उनका दावा था कि इन मामलों पर ओडिशा हाई कोर्ट ने भी तत्कालीन सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की थी।
भाजपा सांसद ने कहा कि उस समय व्यापक विरोध प्रदर्शन के बावजूद तत्कालीन सरकार के किसी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। ऐसे में वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उचित नहीं है।
महताब ने आरोप लगाया कि बीजेडी द्वारा कांग्रेस और सीजेपी के आंदोलन का समर्थन उसकी दोहरी राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन हिंसक गतिविधियों या सुरक्षा व्यवस्था भंग करने के प्रयासों का समर्थन नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि नवीन पटनायक को ऐसे घटनाक्रमों का समर्थन करने के बजाय उनकी निंदा करनी चाहिए थी।
बीजेडी नेताओं के इस बयान पर कि पार्टी सीजेपी नहीं बल्कि आंदोलन का समर्थन कर रही है, महताब ने इसे दोहरी नीति करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे बीजेडी नेतृत्व की राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होती है।
नीट परीक्षा विवाद पर उन्होंने कहा कि कथित प्रश्नपत्र लीक की जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने दावा किया कि सभी संबंधित एजेंसियों और राज्यों के सहयोग से पुनर्परीक्षा निर्धारित समय में कराई गई और परिणाम भी समय पर घोषित किए गए।
भर्तृहरि महताब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के भविष्य को लेकर संवेदनशील हैं और भाजपा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली में सुधार पर संसद के भीतर और बाहर रचनात्मक चर्चा चाहती है। उन्होंने विपक्षी दलों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग देने की भी अपील की।
उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी दलों का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और ओडिशा में बीजेडी भी जनता का विश्वास खो रही है। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय रचनात्मक पहल की जानी चाहिए।











