रायगढ़, 22 जुलाई।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन विभाग ने जंगली सुअर के अवैध शिकार के दो अलग-अलग मामलों में तीन ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में आरोपित शिकार किए गए जंगली सुअर का मांस बेचने जा रहा था, जबकि दूसरे मामले में दो आरोपित मांस की कटाई करते हुए पकड़े गए। तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
पहला मामला रायगढ़ वन परिक्षेत्र के जुनवानी सर्किल स्थित बड़गांव परिसर का है। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने ग्राम गेरवानी नदी के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी में उसके थैले से करीब 7.5 किलोग्राम जंगली सुअर का मांस बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपित ने अपनी पहचान टीकाराम कंवर (48) निवासी ग्राम छिंदभौना के रूप में बताई। उसने स्वीकार किया कि बिजली के तार से हुकिंग कर जंगली सुअर का शिकार किया गया था। इसके बाद टांगी से काटकर मांस गांव में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। उसने शिकार में अन्य लोगों के शामिल होने की भी जानकारी दी।
वन विभाग ने आरोपित के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। बाद में न्यायालय में पेश किए जाने पर उसे जेल भेज दिया गया।
दूसरे मामले में घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम जरकट में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने वन क्षेत्र से लगे खेत में दो लोगों को जंगली सुअर का मांस काटते हुए पकड़ा। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मंगलूराम यादव और अमर साय के रूप में हुई। दोनों ने शिकार करने की बात स्वीकार की। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।
वन विभाग ने कहा कि वन्यजीवों का शिकार और उनका अवैध व्यापार कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।











