अनंतनाग, 23 जुलाई।
बुधवार को आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी की हत्या के अगले दिन गुरुवार को अनंतनाग में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों के घर ध्वस्त कर दिए गए। घटना के बाद पूरे कश्मीर में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है। अनंतनाग समेत घाटीभर में करीब 2500 संदिग्ध सहयोगियों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही आतंकियों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान लगातार जारी है।
अधिकारियों के अनुसार दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो आतंकियों के मकानों पर कार्रवाई की गई। यह कदम बुधवार को अनंतनाग के लाल चौक में हुई गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद उठाया गया।
प्रशासन ने बताया कि ध्वस्त किए गए मकान बिजबेहरा के गुरी निवासी आदिल ठोकर और हसनपोरा निवासी हारून गनई के थे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले में आतंकियों और उनके सहयोगी नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और आगे भी जारी रहेगी।
इस बीच सीआरपीएफ के श्रीनगर सेक्टर ने बताया कि अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों ने निगरानी बढ़ाई है, चेकपॉइंट्स को और मजबूत किया है तथा तलाशी अभियान तेज कर दिया है। लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षाबलों का सहयोग करने की अपील भी की गई है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को श्रीनगर स्थित लोक भवन में सुरक्षा व्यवस्था और अमरनाथ यात्रा की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आतंकी घटना को लेकर सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
गौरतलब है कि बुधवार दोपहर अनंतनाग के लाल चौक क्षेत्र में आतंकियों ने हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन को बेहद नजदीक से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।












