गुवाहाटी, 23 जुलाई।
असम में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण बाढ़ के हालात बेहद डरावने हो गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दिन में दस और लोगों की जान चली गई है, जिससे मरने वालों का कुल आंकड़ा 44 तक पहुंच चुका है।
कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
सरकार के कई अन्य मंत्री और विधायक भी मैदान में उतरकर राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस भयंकर जलप्रलय की चपेट में कुल 11 जिले और दर्जनों राजस्व मंडल बुरी तरह से आ चुके हैं।
लाखों लोग और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। सरकार द्वारा राहत और बचाव कार्यों के लिए सैकड़ों शिविर बनाए गए हैं जिनमें हजारों विस्थापित शरण लिए हुए हैं।
अलग-अलग जिलों में जान गंवाने वालों के साथ-साथ कई लोग लापता भी बताए जा रहे हैं। मवेशियों और पालतू जानवरों पर भी इस आपदा का भयंकर संकट टूट पड़ा है जिनमें से कई बह गए हैं।
बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियां दिन-रात जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नावें और हेलीकॉप्टर तैनात करके फंसे हुए लोगों और जानवरों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पीड़ितों के बीच राशन और पशुओं का चारा बड़े पैमाने पर बांटा जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से सड़कों और पुलों समेत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।











