काठमांडू, 23 जुलाई।
नेपाल राष्ट्र बैंक ने 200 और 500 रुपये मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों के उपयोग और विनिमय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। आवश्यक प्रक्रियात्मक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी।
नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए 500 रुपये तक के भारतीय नोट अब नेपाल लाए या भारत ले जाए जा सकेंगे। नेपाली बाजार में इन नोटों से लेन-देन किया जा सकेगा और बैंक भी इनका विनिमय कर सकेंगे।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि नवंबर 2016 से पहले जारी किए गए 500 और 1,000 रुपये के पुराने भारतीय नोटों का उपयोग अब भी प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, वर्तमान में प्रचलन से बाहर किए जा चुके 2,000 रुपये के भारतीय नोट नेपाल लाने, ले जाने या अपने पास रखने की अनुमति नहीं होगी।
नेपाल राष्ट्र बैंक ने यह भी कहा है कि भारतीय मुद्रा केवल भारत और नेपाल के बीच ही लाई या ले जाई जा सकेगी। किसी तीसरे देश के माध्यम से भारतीय नोटों का आवागमन अनुमत नहीं होगा।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद नेपाल में भी बड़े मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों के उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। उस समय नेपाल की बैंकिंग प्रणाली में ऐसे नोटों के रूप में सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा थी।
नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु पौडेल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत नेपाली बैंक आम लोगों से भारतीय नोट स्वीकार कर उन्हें नेपाल राष्ट्र बैंक तक पहुंचाएंगे। इसके बाद केंद्रीय बैंक इन नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में अपने खाते में जमा करा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले वर्ष विदेशी विनिमय प्रबंधन नियमावली-2015 में संशोधन कर भारत और नेपाल के बीच बड़े मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों के आवागमन की अनुमति दी थी। नए प्रावधानों के तहत 100 रुपये तक के भारतीय नोट बिना किसी सीमा के लाए-ले जाए जा सकते हैं, जबकि 100 रुपये से अधिक मूल्यवर्ग के नोटों के लिए अधिकतम 25,000 भारतीय रुपये तक की सीमा निर्धारित की गई है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद नेपाल राष्ट्र बैंक ने अब इस व्यवस्था को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है।











