जोधपुर, 23 जुलाई।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष में बैठने का अर्थ यह नहीं है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर देश को गुमराह किया जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या की जड़ें कांग्रेस शासन के दौरान मजबूत हुईं और राजस्थान में पूर्ववर्ती सरकार के समय सामने आए कई मामलों से यह स्पष्ट होता है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में शेखावत ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया, जबकि केंद्र सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कानून बनाए और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से ऐसे मामलों में दोषियों को शीघ्र और सख्त सजा दिलाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सवाल उठाने और चर्चा करने के लिए संसद से बेहतर कोई मंच नहीं है। सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने बहस में भाग लेने के बजाय हंगामे का रास्ता चुना।
शेखावत ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और समय पर न्याय सुनिश्चित करना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को केवल राजनीतिक नारे नहीं, बल्कि पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की जरूरत है।











