नाम्ची, 23 जुलाई।
दक्षिण सिक्किम के नाम्ची जिले के झोलुंगे स्थित समरदुंग में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में पिछले चार दिनों से चल रहा खोज एवं बचाव अभियान गुरुवार को पूरा हो गया। अभियान के दौरान सुरंग से सभी 25 मृतकों के शव बरामद कर लिए गए।
जिला प्रशासन के अनुसार गुरुवार को अभियान के दौरान तीन और शव निकाले गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या 25 हो गई। इसके बाद बचाव दल ने सुरंग का विस्तृत निरीक्षण किया और सभी लापता श्रमिकों का मिलान करने के बाद पुष्टि की कि अब सुरंग के भीतर कोई भी व्यक्ति फंसा नहीं है।
मृतकों में एनएचपीसी, एआरएक्स और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हैं। ये भारत के 10 राज्यों के निवासी थे, जिनमें पश्चिम बंगाल के 11, झारखंड के चार, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दो-दो तथा केरल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, पंजाब और असम के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं।
बरामद सभी शवों को आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए सिंगताम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल गंगटोक, नाम्ची जिला अस्पताल और सेंट्रल रेफरल अस्पताल, मणिपाल भेजा गया। जिन शवों की पहचान हो चुकी है, उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
खोज एवं बचाव अभियान समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने अभियान में शामिल सभी बचाव एजेंसियों और कर्मियों के समर्पण, पेशेवर दक्षता और समन्वय के लिए आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार ने इस हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सिफारिशें भी देगी।
यह अभियान नाम्ची जिला प्रशासन के नेतृत्व में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनएचपीसी, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की माइंस रेस्क्यू टीम, सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से चलाया गया। पूरे अभियान की निगरानी सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने की।
दक्षिण सिक्किम के समरदुंग स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में यह हादसा 20 जुलाई की दोपहर हुआ था। सुरंग के भीतर अचानक हुए विस्फोट के साथ कथित रूप से मीथेन गैस का रिसाव हुआ, जिससे वहां कार्यरत श्रमिक जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे।















