वाशिंगटन, 24 जुलाई।
अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुए अहम परमाणु समझौते को लेकर व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह डील इज़राइल को मान्यता मिलने पर ही आगे बढ़ेगी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दृष्टिकोण से यह समझौता इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने की शर्त पर आधारित है।
सऊदी अरब का रुख रहा है कि फिलिस्तीनी राज्य के गठन की दिशा में ठोस प्रगति के बिना वह इज़राइल को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देगा। दोनों देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अमेरिकी तकनीक से नागरिक परमाणु कार्यक्रम विकसित किया जाएगा।
इस समझौते के तहत घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल सकती है जिसे लेकर विशेषज्ञों ने परमाणु हथियार बनने की आशंका जताई है। अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा और मंजूरी के बाद ही यह समझौता लागू हो सकेगा जिसे रोकने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी।















