गुवाहाटी, 24 जुलाई।
लगातार हो रही बारिश के कारण असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 23 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार छह और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। बुढ़ीदिहिंग, दिसांग, दिखौ, धनसिरी और कुशियारा सहित कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
गुरुवार रात हुई तेज वर्षा के बाद गुवाहाटी के निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हो गया। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। शहर के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को भी जलभराव की स्थिति बनी रही।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट के दौरे के बाद गुरुवार को गोलाघाट और डिब्रूगढ़ में राहत शिविरों तथा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। राज्य सरकार के मंत्री बिमल बोरा, केशव महंत, अजंता नेओग, अतुल बोरा और विधायक भी लगातार राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं।
फिलहाल 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, होजई, कामरूप, चराईदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नगांव, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग और तिनसुकिया शामिल हैं। 37 राजस्व मंडलों के 883 गांव प्रभावित हुए हैं। राज्य में 7,21,024 लोग और 25,375.443 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है।
सरकार ने प्रभावितों के लिए 103 राहत शिविर और 255 राहत वितरण केंद्र सहित कुल 358 केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 24,124 लोग रह रहे हैं, जबकि 2,39,864 लोगों को राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
23 जुलाई को बाढ़ के पानी से छह शव बरामद हुए। इनमें चराईदेव से दो और शिवसागर से चार शव मिले। बाढ़ से 3,71,609 पशु प्रभावित हुए हैं। इनमें 1,10,393 बड़े, 78,107 छोटे और 1,83,109 मुर्गीपालन से जुड़े पशु शामिल हैं। इसी दौरान 154 पशु पानी में बह गए, जिनमें 23 जोरहाट और 131 चराईदेव जिले के थे।
राहत अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा और प्रशिक्षित स्वयंसेवक लगातार जुटे हुए हैं। गुरुवार को आठ कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई।
प्रभावित क्षेत्रों में 173 मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। राहत कार्यों में 80 नावों का उपयोग किया गया, जिनकी मदद से 4,455 लोगों और पांच पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। शिवसागर जिले में राहत कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर भी लगाया गया है।
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के बीच 2539.523 क्विंटल चावल, 551.383 क्विंटल दाल, 107.0165 क्विंटल नमक, 8620.92 लीटर सरसों का तेल, 2089.57 क्विंटल गेहूं का चोकर तथा 41.02 क्विंटल चावल का चोकर वितरित किया है।
बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस विषय पर बजट सत्र में विपक्ष ने चर्चा की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष रंजीत दास ने कहा है कि सदन में जल्द ही बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।















