हरिद्वार, 24 जुलाई।
उत्तराखंड के हरिद्वार में संत समाज के भीतर संपत्तियों के विवाद और बहिष्कार को लेकर घमासान मच गया है, जहां नया उदासीन अखाड़े के संत गणेश दास उदासीन ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर अपने ऊपर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाकुंभ के वक्त से ही उन्हें धार्मिक गतिविधियों से दूर रखा जा रहा है और इस अन्यायपूर्ण रवैये से उनकी परंपराएं बाधित हो रही हैं।
पीड़ित संत ने भूमि और अन्य संपत्तियों की अवैध बिक्री के संगीन आरोप भी लगाए हैं, जिसकी उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है। हालांकि दूसरी तरफ अखाड़े के मुखिया ने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार करार दिया है और कहा है कि संबंधित लोगों का अखाड़े से कोई वास्ता नहीं है।















