बहराइच, 24 जुलाई।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में वारिस पंजाब दे से जुड़े एक वांछित सदस्य और उसके साथ मौजूद एक अमेरिकी नागरिक को पकड़ लिया गया। रूपईडीहा सीमा क्षेत्र में नियमित जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। दोनों को भारत में प्रवेश कराने के आरोप में तीन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। मामले के सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपित की पहचान पंजाब के रूपनगर निवासी विक्रमजीत सिंह के रूप में हुई है। वह वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हुए चर्चित हमले के मामले में वांछित था और लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह नेपाल में कथित तौर पर फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे रह रहा था।
दूसरे व्यक्ति की पहचान मनवीर सिंह ढिल्लों के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पंजाब के मोगा का निवासी है और वर्तमान में अमेरिकी नागरिक है। दोनों को नेपाल के रास्ते बिना वैध भारतीय वीजा के सीमा पार करते हुए पकड़ा गया। उनके साथ मौजूद मनवीर की पत्नी और बच्चों के यात्रा दस्तावेज सही पाए गए। निर्धारित इमीग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें नियमों के अनुसार प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
जांच के दौरान एसएसबी और पुलिस ने तीन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है। इन पर अवैध रूप से सीमा पार कराने और परिवहन की व्यवस्था करने का आरोप है। हिरासत में लिए गए लोगों में सुरेश कुमार पाठक, दिलीप उपाध्याय और वाहन चालक राहुल कुमार शामिल बताए गए हैं।
इस मामले में अभी तक किसी सक्षम अधिकारी का आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। स्थानीय थाना सूत्रों ने घटना की पुष्टि की है और फोटो व वीडियो भी सामने आए हैं। संयुक्त टीम सभी आरोपितों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सीमा पार गतिविधियों में उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है तथा प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।















